ट्रैक्टर से चलने वाला थ्रेशर फसल कटाई के बाद इस्तेमाल होने वाली एक ज़रूरी मशीन है। इसका इस्तेमाल गेहूं, धान, मक्का एवं दाल जैसे अनाजों को डंठल, भूसे एवं कचरे से कुशलतापूर्वक अलग करने के लिए किया जाता है। आधुनिक खेती में ये मशीनें बहुत ज़रूरी हैं क्योंकि इनकी मदद से किसान बड़ी मात्रा में फसलों की तेज़ी से प्रोसेसिंग कर सकते हैं। भारत में थ्रेशर मशीन की कीमत ₹11,935 से शुरू होती है। थ्रेशर 17 से 75 एचपी कैटेगरी वाले ट्रैक्टरों के साथ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अभी ट्रैक्टरकारवां पर 90 से ज़्यादा थ्रेशर लिस्टेड हैं। लोकप्रिय थ्रेशर मॉडल में महिंद्रा बास्केट थ्रेशर, हरनाम मल्टी क्रॉप बास्केट मॉडल एवं योद्धा मल्टी क्रॉप थ्रेशर (साइड बास्केट) शामिल हैं।
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इम्प्लीमेंट का नाम |
ट्रैक्टर थ्रेशर |
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मुख्य उपयोग |
फसल से अनाज को डंठल, भूसे और कचरे से अलग करना |
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प्रमुख फसलें |
गेहूं, धान, मक्का, दाल, सोयाबीन आदि |
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थ्रेशर की कीमत |
₹11,935 से शुरू* |
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आवश्यक ट्रैक्टर HP |
17 - 75 एचपी |
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मुख्य प्रकार |
सिंगल-क्रॉप एवं मल्टी-क्रॉप |
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मुख्य कार्य |
थ्रेशिंग, अनाज की सफाई और संग्रह |
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मुख्य फायदे |
समय व श्रम की बचत, कम बर्बादी एवं तेज थ्रेशिंग |
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लोकप्रिय मॉडल |
महिंद्रा बास्केट थ्रेशर, हरनाम मल्टी क्रॉप बास्केट, योद्धा मल्टी क्रॉप थ्रेशर |
थ्रेशर ट्रैक्टर का एक ज़रूरी उपकरण है, जो अनाज को डंठल से अलग करता है या साफ़ करता है। इसका इस्तेमाल आम तौर पर गेहूं, धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फ़सलों के लिए किया जाता है। थ्रेशर, मेहनत कम करके और बीजों के टूटने को कम करके खेती की उत्पादकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे साफ़ और अच्छी क्वालिटी का अनाज मिलता है। पारंपरिक थ्रेशिंग के मुकाबले, मशीनी थ्रेशिंग से किसानों का समय और पैसा दोनों बचते हैं। यह कम से कम बर्बादी के साथ बीजों को अच्छी तरह से अलग करना सुनिश्चित करता है।
थ्रेशिंग मशीन के मुख्य हिस्सों में ड्राइव पुली, फ़ीडिंग शूट, सिलेंडर, स्पाइक्स, फ़ैन या ब्लोअर, फ़्लाईव्हील, कॉनकेव, फ़्रेम, निचली छलनी, ऊपरी छलनी, सस्पेंशन लीवर, ट्रांसपोर्ट व्हील, शटर प्लेट और कैन पुली शामिल हैं।
थ्रेशर को फ़सल, काम करने वाले हिस्सों, थ्रेशिंग सिलेंडर और फ़ीडिंग मैकेनिज्म के आधार पर बांटा जा सकता है।
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के अनुसार |
प्रकार |
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क्रॉप |
सिंगल क्रॉप |
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मल्टी-क्रॉप |
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फ़ंक्शनल कंपोनेंट्स |
रेगुलर (थ्रू-पुट) |
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ड्रामी |
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एक्सियल फ्लो |
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थ्रेशिंग सिलेंडर का प्रकार |
रेस्प बार टाइप |
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हैमर मिल/बीटर टाइप |
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सिंडिकेटर |
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स्पाइक टूथ टाइप |
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फीडिंग मेकेनिज्म |
हरम्बा |
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टोकरी |
सिंगल-क्रॉप थ्रेशर: सिंगल-क्रॉप थ्रेशर एक खास मशीन है, जो सिर्फ़ एक ही तरह की फ़सल की थ्रेशिंग कर सकती है - जैसे मक्का थ्रेशर, धान थ्रेशर या गेहूँ थ्रेशर।
मल्टी-क्रॉप थ्रेशर: वहीं, मल्टी-क्रॉप थ्रेशर कई तरह की फ़सलों की थ्रेशिंग कर सकता है, जिनमें चना, ज्वार, गेहूँ एवं धान शामिल हैं। इसी वजह से, मल्टी-क्रॉप थ्रेशर मशीन की कीमत सिंगल-क्रॉप थ्रेशर से ज़्यादा होती है।
थ्रेशर के अन्य लोकप्रिय प्रकारों में हरंबा एवं बास्केट शामिल हैं। हरंबा थ्रेशर में, फ़ीडिंग शूट ऊपर की तरफ़ होता है, इसलिए किसानों को कटी हुई फ़सल को दिए गए प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े होकर डालना पड़ता है। हालाँकि, बास्केट थ्रेशर में फ़ीडिंग शूट पीछे की तरफ़ होता है। इसलिए, पीछे खड़े होकर बास्केट थ्रेशर में फ़सल को तेज़ी एवं आसानी से डाला जा सकता है। बास्केट थ्रेशर 45 एचपी या उससे ज़्यादा क्षमता वाले ट्रैक्टरों के लिए भी सबसे उपयुक्त होता है।
हाथ से होने वाली मेहनत और समय की बचत, समय पर फ़सल की कटाई, कई तरह के काम एक साथ करना वगैरह थ्रेशर के कुछ फ़ायदे हैं। आइए, नीचे थ्रेशर के सभी फ़ायदों के बारे में जानते हैं।
हाथ से होने वाली मेहनत और समय की बचत: फ़सल से दाने अलग करने का पारंपरिक तरीका बहुत मेहनत और समय लेने वाला था। लेकिन मशीनी थ्रेशर बड़े पैमाने पर और बहुत तेज़ी से बीज अलग करने का काम अपने-आप करते हैं। इससे हाथ से होने वाली मेहनत की ज़रूरत कम होती है, खर्च घटता है और किसानों का समय बचता है।
समय पर फ़सल की कटाई: किसानों के लिए समय पर फ़सल की कटाई बहुत ज़रूरी है। जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम का मिज़ाज अनिश्चित होता जा रहा है, जो फ़सल खराब होने की एक मुख्य वजह है। थ्रेशर से फ़सल की कटाई तेज़ी से हो पाती है, जिससे अचानक बारिश या खराब मौसम से होने वाले नुकसान का खतरा कम हो जाता है।
कई तरह के काम एक साथ करना: आधुनिक थ्रेशर एक साथ कई काम करने के लिए बनाए गए हैं। ये मशीनें सिर्फ़ फ़सल से दाने अलग करने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अनाज को अलग करने, साफ़ करने और इकट्ठा करने का काम भी कुशलता से कर सकती हैं। इससे ये उन किसानों के लिए बहुत काम का और कई तरह से इस्तेमाल होने वाला औज़ार बन जाते हैं जो खेत में समय और मेहनत बचाना चाहते हैं।
तकनीकी तरक्की: मशीनी थ्रेशर अब तकनीकी रूप से ज़्यादा उन्नत हो गए हैं। ये मशीनें खास फ़सलों के हिसाब से डिज़ाइन की गई हैं, जिससे ये गेहूँ, चावल और मक्का जैसी फ़सलों को ज़्यादा सटीकता और सावधानी से संभाल सकती हैं। ये सुधार किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और हाथ से होने वाली मेहनत को कम करते हुए कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के मकसद से किए गए हैं।
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थ्रेसर मॉडल्स |
आवश्यक ट्रैक्टर पॉवर (एचपी) |
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30+ |
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35+ |
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35-50 |
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40 |
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40-50 |
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40-65 |
ध्यान दें: खेती में इस्तेमाल होने वाला थ्रेशर ट्रैक्टर के पॉवर टेक-ऑफ (PTO) से जुड़ा होता है। इसलिए, कोई भी थ्रेशर मॉडल चुनने से पहले हमेशा अपने ट्रैक्टर की PTO एचपी का ध्यान रखें।
भारत में थ्रेशर की कीमत ₹11,935 से शुरू होती है। भारत में थ्रेशर या धान के थ्रेशर की कीमत फसल के प्रकार, थ्रेशिंग क्षमता एवं ब्रांड के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि मल्टी-क्रॉप थ्रेशर की कीमतें ज़्यादा होती हैं, क्योंकि उनमें कई तरह की फ़सलों की थ्रेशिंग के लिए फ्लेक्सिबल मैकेनिज़्म होते हैं। मशीन के साथ ब्लोअर या फ़ैन लगा है या नहीं, इस आधार पर भी थ्रेशर की कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।
ट्रैक्टरकारवां पर, आप महिंद्रा थ्रेशर, मांकू थ्रेशर एवं स्वराज थ्रेशर जैसे टॉप ट्रैक्टर थ्रेशर ब्रांड्स के बारे में सभी ज़रूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस जानकारी में थ्रेशर मशीन की कीमत, फ़ीचर्स, स्पेसिफिकेशन्स एवं दूसरी डिटेल्स शामिल हैं। हम दो अलग-अलग थ्रेशर मॉडल्स की तुलना करने में मदद के लिए 'इम्प्लीमेंट्स की तुलना करने वाला टूल' (compare implements tool) भी देते हैं। थ्रेशर मॉडल को चलाने के लिए ज़रूरी ट्रैक्टर पॉवर देखें ताकि आप सही मॉडल चुन सकें। थ्रेशर इम्प्लीमेंट्स के बारे में और जानकारी पाने के लिए, आप ट्रैक्टरकारवां पर थ्रेशर इम्प्लीमेंट वीडियो देख सकते हैं।
भारत में थ्रेशर मशीन की कीमत ₹11,935 से शुरू होती है।
थ्रेशर मशीन के फ़ायदों में अनाज की बेहतर क्वालिटी, कम शारीरिक मेहनत एवं कम समय की ज़रूरत शामिल है।
थ्रेशर 17–55 एचपी रेंज वाले ट्रैक्टरों के साथ इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
अलग-अलग कारकों, जैसे कि फसल, काम करने वाले हिस्से, थ्रेशिंग सिलेंडर एवं फीडिंग मैकेनिज्म के आधार पर थ्रेशर कई तरह के होते हैं। हालाँकि, भारत में सिंगल-क्रॉप थ्रेशर एवं मल्टी-क्रॉप थ्रेशर सबसे आम प्रकार हैं।
ट्रैक्टरकारवां पर 90 से ज़्यादा थ्रेशर मॉडल लिस्टेड हैं।
ट्रैक्टरकारवां पर लिस्टेड पॉपुलर थ्रेशर मॉडल में महिंद्रा बास्केट थ्रेशर, हरनाम मल्टी क्रॉप बास्केट मॉडल और योद्धा मल्टी क्रॉप थ्रेशर (साइड बास्केट) शामिल हैं।